BILASPUR. शहर से लगे चकरभाठा में बिलासा बाई केंवट एयरपोर्ट संचालित होता है। यहां इन दिनों रनवे पर विमानों की लैंडिंग और टेक आफ को लेकर खतरा बना हुआ है। दरअसल, पिछले दिनों यहां दो सियारों को एयरपोर्ट के अंदर देखा गया है। जैसे ही एयरपोर्ट प्रबंधन को इसका पता चला, वन विभाग से संपर्क किया गया। वहीं अब कानन पेंडारी चिड़ियाघर में तीन बक्से तैयार किए गए हैं, जिनके अंदर मुर्गा बांधकर उन्हें एयरपोर्ट में ही अलग—अलग जगहों पर रखा जा रहा है, ताकि मुर्गा खाने के लालच में सियार आएं तो बक्से में कैद हो जाएं।

आपको बता दें कि कोई भी विमान उतरते या उड़ान भरते समय काफी तेज रफ्तार में होता है। ऐसे में रनवे में कोई भी बाधा आ जाती है तो दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में जंगली जानवर के एयरपोर्ट में मौजूदगी से तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि ये कभी भी रनवे पर आ सकते हैं। इसीलिए जैसे ही एयरपोर्ट के कर्मचारियों को सियार नजर आए, उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी प्रबंधन के अफसरों को दी। जानकारी मिलते ही वे सतर्क हो गए और सियारों को पकड़ने की योजना बनाई। बहरहाल उन्हें दो ही सियार नजर आए थे, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि उनकी संख्या चार से पांच भी हो सकती है।

ऐसे में उन्होंने तत्काल डीएफओ से संपर्क किया ताकि वन विभाग की मदद से सियारों को जल्द से जल्द पकड़कर बाहर किया जा सके। डीएफओ कुमार निशांत ने कानन पेंडारी जू प्रबंधन को इस बारे में आदेश दिया कि वे कुछ उपाय करें। इसके बाद ये विशेष बक्से तैयार किए गए हैं, जो स्वत: काम करने वाले पिंजरे की तरह हैं। उनमें बंधे मुर्गे को देखकर सियार खाने के लिए बक्से के अंदर जाएंगे। फिर जैसे ही मुर्गे को दांत से पकड़ेंगे तो मुर्गे में हलचल होते ही बक्से का दरवाजा अपने आप ही बंद हो जाएंगे। इस तरह सियारों को पकड़ा जा सकेगा।

ज्यादा हुए तो फिर लगाएंगे बक्से
सियार वैसे तो दो ही दिखे हैं, लेकिन आशंका ज्यादा की है। इसीलिए तीन बक्से फिलहाल तैयार कर रखे गए हैं। यदि दोनों सियार पकड़ में आ जाते हैं तो भी बक्से रखे ही जाएंगे। इससे यदि और भी सियार होंगे तो वे भी पकड़ में आ जाएंगे। इसके बाद उन्हें दूर कहीं या फिर अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ने की बात डीएफओ ने कही है।







































