SAMBHAL. देश की आजादी के बाद पहली बार सम्भल के लोहावई गांव में दलित दूल्हा घोड़ी चढ़ा। लेकिन उसकी बारात में 5 दर्जन पुलिसकर्मी भी शामिल हुए वो भी सुरक्षा के लिए। ऐसा इस लिए किया गया क्योंकि पुलिस को शिकायत दी गई थी कि गांव के सवर्ण दलितों की बारात घोड़ी पर नहीं निकलने देते। पुलिस के सहयोग के लिए अब दलित परिवार के लोग उनका धन्यवाद कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सम्भल पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र को थाना जुनावई इलाके के गांव लोहावई में रहने वाले दलित बेटी के पिता राजू वाल्मिकी ने एक पत्र लिखा था। पत्र में उसने लिखा था कि गांव में सवर्ण समाज के लोग दलित बेटे या बेटी की बारात में दूल्हे को घोड़ी नहीं चढ़ने देते। गांव में यह परंपरा आजादी से पहले से चली आ रही है। राजू वाल्मिकी ने अपने पत्र में आगे लिखा कि वह चाहता है कि बदायूं जनपद से आने वाली उसकी बेटी रवीना की बारात गांव में घोड़े-बाजे के साथ निकले। बता दें, सम्भल जिले का लोहावई गांव सवर्ण बाहुल्य है जो दलित परिवारों के घर होने वाली शादी धूमधाम से नहीं होने देते हैं।









































