JASHPUR. जशपुर समेत कई शहरों में शिक्षकों की शराब पीकर स्कूल में आने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे रोकने लिए अब सख्ती करने की तैयारी की जारी है। जशपुर जिले में इसके लिए नई व्यवस्था बना दी गई है। इस नए आदेश के मुताबिक जिने के शिक्षक कार्यालयीन समय में शराब पीकर न आने का घोषणा पत्र भरेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी द्वारा जारी किया गया एक आदेश इंटरनेट मीडिया में जमकर प्रसारित हो रहा है। इस पत्र में डीईओ ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के अंर्तगत आने वाले कार्यालयों में पदस्थ शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारियों से कार्यालयीन समय में शराब सेवन न करने का घोषणा पत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार अपने इस आदेश में डीईओ तिवारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का हवाला देते हुए लिखा है कि स्कूलों और कार्यालयों से लगातार कार्यालयीन समय में शराब पीकर आने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, स्कूलों में माहौल बिगड़ने होने के साथ बच्चों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
दरअसल, इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए इस आदेश में एक प्रपत्र जारी कर 24 नवंबर तक डीईओ कार्यालय में जमा कराने के निर्देश जिले के सभी विकासखंड शिक्षाधिकारियों को दिए गए हैं। बता दें कि जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों से लगातार शिक्षकों के शराब पीकर आने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद ही शिक्षा विभाग ने घोषणा पत्र भरवाने की पहल की है।

शराबी शिक्षकों के कई मामले आ चुके हैं सामने
शराबी शिक्षकों का सबसे बड़ा मामला बीते सितंबर माह में उजागर हुआ था। इसके अलावा भी कई केस आ चुके हैं, जिससे स्कूल का माहौल खराब हुआ है। जिले के फरसाबहार छिरोटोली प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षकों के शराब पीकर आने से परेशान अभिभावकों ने अपने बच्चों का टीसी ही निकलवा लिया था। बच्चों के न होने से स्कूल में ताला लटक गया था। मीडिया में खबर आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कर एक महिला शिक्षक की इस स्कूल में पदस्थापना की थी। वहीं इस साल शिक्षा विभाग ने नशे में धुत होकर स्कूल आने की शिकायत पर 14 से अधिक शिक्षकों को नोटिस भी जारी किया है।






































