BHILAI. हॉस्पिटल में लापरवाहपूर्वक इलाज से मौत के बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के विरुद्ध पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। साथ ही भिलाई-3 के हॉस्पिटल का लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।
31 अक्टूबर 2022 को भिलाई-3 के सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के चिकित्सकों की लापरवाही से 10 माह के बालक की मृत्यु हो गई थी। बता दें, परिजन मासूम को सर्दी खांसी होने पर अस्पताल पहुंचे थे। जहां अस्पताल के अनुभवहीन स्टाफ ने बच्चे को हाईडोज का इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी मौत हो गई थी।भिलाई-3 में स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल सिद्धि विनायक का लाइसेंस निरस्त करने मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा आदेश जारी किया गया।
मामले में छावनी सीएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि प्रार्थी डिकेश कुमार वर्मा पिता महेश कुमार वर्मा निवासी सागर पारा देवबलौदा के पुत्र शिवांश वर्मा उम्र 10 माह को सर्दी-जुकाम होने के कारण 27 अक्टूबर 2022 को इलाज के लिए सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
भिलाई-3 के सिरसा गेट चौक स्थिति हॉस्पिटल में जहां चिकित्सक एसआर.प्रसाद के द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने से आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। लेकिन 31 अक्टूबर 2022 को बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ने से अस्पताल में इलाज के दौरान मौत को गई थी। इस मामले में बच्चे की मृत्यु हो जाने की सूचना पर थाना पुरानी भिलाई में मर्ग कायम कर शव का पंचानामा कार्यवाही के बाद पीएम कराया गया था। इस मामले में बच्चे के परिजनों ने हॉस्पिटल द्वारा लापरवाही बरतते हुए इलाज करने का आरोप लगाया था।
उक्त घटना के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा समिति गठन कर घटना के संबंध में जांच किया गया। जांच पर चिकित्सा अधिकारी डॉ.संमीत राज प्रसाद, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ.दुर्गा सोनी, डॉ.हरिराम यदु, डॉ.गिरीश साहू और नर्सिंग स्टाफ आरती साहू, कुमारी निर्मला यादव के द्वारा बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने पर दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने बाद उपरोक्त सात आरोपियों के खिलाफ थाना पुरानी भिलाई में दिनांक 16 नवंबर की रात्रि अपराध धारा 304 ए पंजीबद्ध कर जांच-पड़ताल शुरू किया गया है।





































