RAIPUR. छत्तीगसढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगभग कार्रवाई पूरी कर ली है। इस बीच, ईडी ने रायपुर, बिलासपुर, महासमुंद में जारी छापेमारी के बाद अब तस्वीरें सामने आई हैं। ये तस्वीरें हैं नोटों के बंडलों की। आईएएस अफसर और कारोबारियों के घर से इतना अवैध कैश मिला है कि आलमारी भर गई। करारे नोटों के कई ऐसे बंडल मिले हैं, जिनमें सारे के सारे नए नोट हैं। ईडी के अधिकारियों ने तस्वीरें जारी कर बताया है कि प्रदेश में हुई कार्रवाई में अब तक 6.5 करोड़ की बरामदगी हुई है।
वहीं, ईडी की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रदेश के खनिज विभाग ने खनिज परिवहन के ऑनलाइन सिस्टम को खत्म कर दिया। ऑफलाइन सिस्टम से सिर्फ 16 महीनों में ही कोयला परिवहन से 500 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई। बता दें कि ऑनलाइन सिस्टम में बदलाव का आदेश तत्कालीन खनिज संचालक रहे समीर बिश्नोई ने जारी किया था।

दरअसल, खनिज विभाग ने 15 जुलाई 2020 को एक अधिसूचना जारी करके ऑनलाइन व्यवस्था को समाप्त कर दिया। इसके बाद 10 अगस्त 2020 को जारी एक और अधिसूचना से खनिज परिवहन अनुमति के लिए केवल मैन्युअल पद्धति को अनिवार्य कर दिया गया। ईडी ने कहा कि इससे पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया खत्म हो गई और अवैध वसूली का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया।

ईडी की ओर से जारी बयान अनुसार प्रदेश में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की जा रही है। वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों को शामिल करते हुए एक समूह तैयार किया गया है। ईडी के अनुसार, इस घोटाले के मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी और उनके सहयोगियों ने कोयले पर अवैध लेवी की जबरन वसूली की एक समानांतर प्रणाली तैयार की थी। अवैध तरीके से मिले पैसे का इस्तेमाल बेनामी संपत्ति और ज्वैलरी खरीदने में की गई।





































