BALOD. बालोद जिले से गुरुजी की हैरान कर देने वाली करतूत सामने आई है। स्कूल के प्राचार्य महोदय नशे में टुन्न होकर जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक में शामिल होकर पहुंच गए। बैठक में प्राचार्य ने हद कर दी। नशे के सुरूर में प्राचार्य महोदय आएं-बाएं बकने लगे। अब प्राचार्य के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा हो गयी है। जबकि नशे में स्कूल आने वाले एक अन्य गुरुजी को निलंबित कर दिया गया है।
बीते रोज बालोद जिला मुख्यालय पर जाति प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं की प्रगति को लेकर बैठक राखी गई थी। इसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राचार्य महात्मा राम उईके भी शामिल हुए। लेकिन प्राचार्य महोदय नशे में टुन्न थे। अगर प्राचार्य महोदय चुपचाप बैठते तो भी शायद ठीक था, लेकिन नशे के सुरूर में खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाए और अफसरों के सामने ही अपशब्दों का प्रयोग करने लगे।

प्राचार्य की इस हरकत से नाराज जिला शिक्षा अधिकारी ने लोक शिक्षण संचानालय को पत्र लिख दिया है। इसमें प्राचार्य महात्मा राम उईके के विरुद्व कार्यवाही की अनुशंसा की गई है।
नशे में स्कूल आने वाले गुरुजी निलंबित
दूसरी ओर शासकीय प्राथमिक शाला टेकापार के सहायक शिक्षक धनश्याम सिन्हा को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि गुरुजी शराब के नशे में स्कूल आते थे। यहाँ वे बच्चों को पढ़ाने की जगह सो जाते थे। इससे बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। नशे में बच्चों को पीटने की भी शिकायतें मिल रहीं थीं। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई कर दी।

स्कूल में इस तरह की हरकत ठीक नहीं
बालोद के जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार बघेल के अनुसार शिक्षकों के खिलाफ लगातार शिकायत आ रहीं थीं। शिकायत सही पाए जाने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई है। स्कूल में इस तरह का व्यवहार कदाचित ठीक नहीं है। स्कूल में शिक्षकों की इस तरह की हरकतों से बच्चों की पढ़ाई पर असर पढ़ता है और स्कूल का माहौल भी ख़राब होता है।





































