बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में दहशतगर्दों की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। राजधानी लखनऊ से 20 किलोमीटर की दूरी पर बाराबंकी सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पास 5 संदिग्ध टाइमर बम मिले हैं। एक बम में डिजिटल वॉच लगी हुई है। कुछ बम जमीन के अंदर गड़े हुए थे, जबकि कुछ बाहर पड़े थे। लोगों को यह संदिग्ध बम नजर आया था। पास गए तो जमीन के अंदर से टिक-टिक की आवाज आ रही थी।

सवाल यह भी है कि क्या लखनऊ को दहलाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाना था? या फिर किसी और काम के लिए? फिलहाल, पुलिस यह पता करने की कोशिश में जुटी है कि आखिर इन संदिग्ध बम को यहां किसने रखा था।
इससे हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में बम स्क्वॉड और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) टीम मौके पर पहुंचकर उसे निष्क्रिय किया गया है।
जहां यह संदिग्ध बम मिले हैं, उस जगह की घेराबंदी करके सील कर दिया गया है। आसपास से लोगों को हटा दिया गया है। किसी भी व्यक्ति को वहां जाने नहीं दिया जा रहा है। रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को भी कुछ देर के लिए रोका गया। बमों को डिफ्यूज कर दिया गया है।
सफेदाबाद रेलवे स्टेशन से पीछे की तरफ 100 मीटर दूर लोगों को यह संदिग्ध बम नजर आया। इनकी साइज ईंट से कुछ छोटी थी। वहां से गुजर रहे एक युवक की सबसे पहले इन पर नजर पड़ी। वह कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन बाद में ध्यान से सुना तो इनसे टिक-टिक की आवाज आ रही थी। इसके बाद आसपास के ग्रामीण वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ बम जमीन के अंदर गड़े हुए थे, जबकि कुछ बाहर पड़े थे। देखने से ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई इनको यहां छिपाने की कोशिश कर रहा था। एक संदिग्ध बम में डिजिटल वॉच की तरह से दिखने वाला टाइमर लगा हुआ है।
एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि यह टाइमर बम है या कुछ और? इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। गांव के एक युवक ने पुलिस को बताया कि यहां बम जैसी चीज है। बम निरोधक दस्ता और एटीएस कमांडो मौके पर पहुंचे। रिस्क को खत्म करने के लिए उनको नष्ट किया। जांच के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि आखिर यह क्या है?
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बम डिस्पोजल यूनिट ने सभी बम को डिफ्यूज किया। इस दौरान एक बम फट गया था। हालांकि, उसकी आवाज हल्की थी। जहां बम मिले हैं, वहां से लखनऊ की दूरी महज 20 किमी है। पहले गोरखनाथ मंदिर पर हमला और फिर अब संदिग्ध टाइमर बम मिलने से हड़कंप मच गया है।
सवाल यह भी है कि क्या लखनऊ को दहलाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाना था? या फिर किसी और काम के लिए? फिलहाल, पुलिस यह पता करने की कोशिश में जुटी है कि आखिर इन संदिग्ध बम को यहां किसने रखा था।
(TNS)




































