भिलाई। नगर निगम भिलाई व रिसाली को बीएसपी की 290.26 एकड़ जमीन मिल गई है। 32 साल पहले की गई मांग अब जाकर पूरी हुई है। शनिवार का प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू व भिलाई निगम महापौर नीरज पाल की मौजुदगी में बीएसपी की भूमि को भिलाई व रिसाली के अभिलेख में दर्ज कराने की सहमति बनी है।

290.26 एकड़ जमीन में से भिलाई नगर पालिक सीमा क्षेत्र के 136.56 सकड़ जमीन और नवगठित रिसाली नगर पालिक निगम के सीमा में आने वाले 153.70 एकड़ जमीन को हस्तांतरित किया जाएगा। रिसाली निगम ने जमीन हस्तांतरण के एवज में 2 लाख 15 हजार 539 रुपए का चेक भिलाई इस्पात संयंत्र को सौपा। जल्द ही भिलाई व रिसाली निगम के हिस्से की जमीन को लेकर एमओयू किया जाएगा।
बता दें कि बीएसपी की उक्त जमीन को साड़ा कार्यकाल के दौरान मांगा गया था। इस समय हस्तांतरण की राशि जमा करने 19 सितंबर 1990 को बीएसपी ने तत्कालीन कलेक्टर को पत्र लिखा था। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पर विराम लग गया था। रिसाली नगर पालिक निगम के गठन पश्चात गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू व इधर भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव लगातार भूमि हस्तांतरण के लिए बैठकें की।
शनिवार को कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे बीएसपी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिर्बान दास गुप्ता, रिसाली निगम आयुक्त आशीष देवांगन, भिलाई निगम के अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी की उपस्थिति में राशि हस्तांतरण कर 290 एकड़ भूमि रिसाली व भिलाई निगम के अभिलेख में दर्ज करने सहमति बनी। इस अवसर पर रिसाली निगम के महापौर शशि सिन्हा, भिलाई महापौर नीरज पाल, सभापति केशव बंछोर, एसडीएम विनय कुमार पोयाम आदि उपस्थित थे।
निगम गठन के साथ ही मांगी जा रही थी जमीन
रिसाली निगम के गठन के साथ की कई कार्यों के लिए बीएसपी से लगातार जमीन मांगी जा रही थी। रिसाली निगम में एक कॉलेज व अस्पताल निर्माण की घोषणा हुई है। यही नहीं रिसाली निगम का मुख्य कार्यालय भी बनाया जाना है जिसके लिए बीएसपी से जमीन मांगी जा रही थी। अब जब जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है तो रिसाली में कार्यालय, महाविद्यालय, अस्पताल निर्माण के लिए पर्याप्त जगह मिल जाएगी। इस दौरान गृहमंत्री ने उतई नगर पंचायत के लिए भी जमीन उपलब्ध कराए जाने बीएसपी से चर्चा की।
अतिक्रमण हटाने बीएसपी करे पहल
रिसाली निगम को बीएसपी द्वारा जो जमीन दी जा रही है वहां बड़े हिस्से में अतिक्रमण है। गृहमंत्री ने उक्त जमीन को कब्जा मुक्त कराने बीएसपी प्रबंधन को निर्देश दिया है। गृहमंत्री के निर्देश के बाद बीएसपी प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि वे अवैध कब्जों को हटाने की पहल करेंगे। इस मौके पर गृहमंत्री निगम के आस्थाई कार्यालय के लिए बीएसपी द्वारा दिया गया भवन को टोकन मनि पर देने की मांग भी रखी। साथ ही महापौर, आयुक्त व अतिथि गृह बनाने के लिए भी टोकन मनी पर आवास आबंटित करने कहा।




































