इंदौर हाईकोर्ट ने एमएससी छात्र सिद्धार्थ जैन को बड़ी राहत दी है। तीसरे सेमेस्टर के एक विषय में असफल घोषित होने पर दाखिल याचिका के बाद विश्वविद्यालय ने समीक्षा कर उनके अंक 22 से बढ़ाकर 29 कर दिए और पास घोषित किया। अधिवक्ता हर्षित शर्मा ने बताया कि छात्र दिव्यांग है और नेट परीक्षा के लिए आवेदन कर चुका है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय की पहल को “मानवीय और शैक्षणिक न्याय” का उदाहरण बताया और सात दिन में संशोधित मार्कशीट जारी करने का निर्देश दिया। Read More






























