महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग हैं और उनके प्रति सम्मानजनक सोच एवं भाषा का प्रयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि “विकलांग” शब्द के स्थान पर “दिव्यांगजन” शब्द का उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि शब्द हमारी मानसिकता और संवेदना को दर्शाते हैं। Read More































