छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर एक अहम और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दुर्ग जिले में एक होटल संचालक को बिना किसी ठोस कानूनी आधार और बिना FIR के जेल भेजे जाने को असंवैधानिक करार देते हुए राज्य सरकार को पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार चाहे तो यह राशि दोषी पुलिस अधिकारियों के वेतन से वसूल सकती है। Read More





























