छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद के एक मामले में ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस सबूत के जीवनसाथी पर अवैध संबंधों का आरोप लगाना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की बेंच ने इसी आधार पर एक डॉक्टर पति की तलाक की अर्जी स्वीकार कर ली है। Read More





























