एक सड़क हादसे में अपने दोनों पैर गवाने के बाद भी बसंत ने हार नहीं मानी और पेंसिल को चुना जिसका नतीजा है कि उन्हें ये पुरस्कार मिला। बसंत के बनाए चित्रों का संग्रह देश विदेश सहित राष्ट्रपति भवन, राजभवन, दिल्ली संग्रहालय में सुशोभित कर रहा है। Read More





























