गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) प्रबंधन और 109 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच पिछले 16 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई का अंततः कर्मचारियों की जीत के साथ अंत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को करारा झटका देते हुए उनकी अंतिम उम्मीद यानी 'क्यूरेटिव पिटीशन' को भी खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब यूनिवर्सिटी के पास बचने का कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा है और उन्हें हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कर्मचारियों को नियमित करते हुए सभी पुराने बकाये का भुगतान करना होगा। Read More





























