कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री भावुक अंदाज में नजर आए। उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का 'भांजा' बताते हुए कहा कि यह माता कौशल्या की धरती है और भांजा होने के नाते यहाँ उनका पूरा अधिकार है। उन्होंने कोरबा के महत्व को रेखांकित करते हुए चुटकी ली कि अगर यहाँ के लोग कोयला देना बंद कर दें, तो मध्य प्रदेश में अंधेरा छा जाएगा। Read More





























