छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के ताजा फैसले से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत संस्थागत कोटा को वैध ठहराते हुए कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को पीजी में प्राथमिकता दी जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डॉक्टरों का दूसरे राज्यों में पलायन (ब्रेन-ड्रेन) थमेगा। Read More





























