श्री संत ज्ञानेश्वर माउली महोत्सवः कलश स्थापना के बाद भजन-कीर्तन में डूबे रहे श्रद्दालु

इस अवसर पर कीर्तनकारों ने श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज के जीवन में धार्मिक घटनाओं का वर्णन किया गया। कहा कि भगवान को हर पल स्मरण कर सभीको भक्ति मार्ग पर चलना चाहिए। उनका नाम स्मरण करते हुए जीवन सार्थक एवं सफल बनाना चाहिए।

भिलाई। श्री संत ज्ञानेश्वर माउली संजीवनी समाधि महोत्सव का आयोजन प्रथम दिवस बुधवार को श्री विजय श्रावण माहूर कर के निवास में आरंभ हुआ। प्रथम दिन कलश स्थापना एवं हरिपाठ किया गया। इस अवसर पर कीर्तनकार श्रीरंग राव जी ने भक्तों को हरिपाठ सुनाया गया।

प्रेम-भक्ति से ही भगवान को खुश किया जा सकता है
इस अवसर पर कीर्तनकारों ने श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज के जीवन में धार्मिक घटनाओं का वर्णन किया गया। कहा कि भगवान को हर पल स्मरण कर सभीको भक्ति मार्ग पर चलना चाहिए। उनका नाम स्मरण करते हुए जीवन सार्थक एवं सफल बनाना चाहिए। प्रेम से ही भगवान एवं भक्तों को सभी प्रकार की खुशी मिलती है। दुखों का निवारण भगवान करते हैं। हरिपाठ के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि हमेशा अपने श्रीमुख हरि का नाम जपते रहना चाहिए।

इन्होंने भजन पेश किए
इस दौरान श्री नत्थू जी कोरडे नंदू, वर्ली मुंबई, तबला वादक रंगा राव पांडे, नागपुर कीर्तनकार गुरुदेव परतेकी गुणवंत हमदा, पूरे श्रीकांत भूताड़ हारमोनियम राम भाऊ पांडे, सुपेला आकाश गंगा इगले प्रकाश राव, शिडके रश्मि दिवेकांता, थीतेश, एमके पाटिल, कैलाश धाडस, प्रशांत कुमार क्षीरसागर, राजेश माहुरकर, अजय माहुरकर, लीलाबाई वानखेडे, श्रावण माहूरकर, नागपुर से आए कीर्तनकार श्रीरंग राव जी भक्तों को भजन कीर्तन कर हरिपाठ सुनाया।

हरि नाम की जयकार का आनंद उठाया
ज्योति माहुरकर, लता माहुरकर, वैशाली माहुरकर, उषा क्षीरसागर, रश्मि दिवे, लीला बाई वानखेडे, सविता वानखेडे, कुसुमताई जांगड़े, छाया किरण सिरेकर, स्वर्णाक्षी, छाया अतांकरे आदि महिला मंडल की सदस्यों ने शानदार भजन की प्रस्तुति दी। भक्ति गीत सुनकर सभी श्रोता झूम उठे। हरि नाम की जयकार का आनंद उठाया।

(TNS)