छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक अहम मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोकना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश पलटते हुए पति की तलाक अपील मंजूर कर ली और पत्नी को दो महीने के भीतर 20 लाख रुपये स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है। Read More


























































कथावाचक आशुतोष चैतन्य गिरफ्तार, सतनामी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर हुई कार्रवाई