INDORE NEWS. इंदौर के एमआईजी इलाके के गायत्री नगर में रहने वाले केन्याई नागरिक रिचर्डसन का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। सोमवार सुबह वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी मिली, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने रिचर्डसन से पूछताछ शुरू कर दी।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने माना कि इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है। अब शहर में रह रहे सभी विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड फिर से जांचा जा रहा है।

वीजा 1996 में खत्म, एफआईआर दर्ज
एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रिचर्डसन का पासपोर्ट वैध है। मगर, उसका वीजा 1996 में खत्म हो चुका था। इसके आधार पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट की सख्ती के चलते उसे इंदौर छोड़ने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए वह यहीं रहकर नियमित तौर पर अदालत में पेश होता रहा।

2018 में हुई पहली कार्रवाई
रिचर्डसन पर पहली बार 2018 में कार्रवाई हुई थी, जब पता चला कि वीजा समाप्त होने के बावजूद वह कई वर्षों से इंदौर में रह रहा है। उसके खिलाफ फेमा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जबकि उसके पूर्व मकान मालिक के खिलाफ धारा 188 के तहत केस बनाया गया था।
इसके बाद उसने गायत्री नगर में शेखर कुशवाहा के यहां किराए पर रहना शुरू किया था। जिसकी थाने में सूचना भी दी गई थी। पुलिस ने इलाके में पूछताछ के दौरान पड़ोसियों से बातचीत की। स्थानीय लोगों ने बताया कि रिचर्डसन पेशे से डॉक्टर हैं और उनका स्वभाव अच्छा है।
पढ़ने आया था फिर यहां से गया ही नहीं
कोरोना काल में उन्होंने कई लोगों को प्राथमिक उपचार दिया था। इलाज के बदले लोग उसे कुछ आर्थिक मदद देते थे। उसके परिवार के लोग समय-समय पर केन्या से आर्थिक सहायता भेजते हैं। जांच में यह भी पता चला कि रिचर्डसन 1991 में पढ़ाई के लिए केन्या से इंदौर आया था। उसने डीएवीवी से शिक्षा प्राप्त की।

वीजा समाप्त होने के बाद उसने नया वीजा बनवाना मुनासिब नहीं समझा। सोशल मीडिया पर किए गए उनके पोस्टों के बारे में पूछताछ में उसने बताया कि वे अपने मूल देश के हालात पर लिखता है और कुछ पोस्ट हटाने की बात भी स्वीकार की।

पासपोर्ट भी निरस्त, नया बनाना मुश्किल
भारतीय कानून के तहत रिचर्डसन का पासपोर्ट निरस्त हो चुका है। कोर्ट से दस्तावेज मिलने के बावजूद वह नया पासपोर्ट या वीजा आवेदन नहीं कर सकता क्योंकि वह भारतीय नागरिक नहीं है। ऐसे में आगे क्या होगा, उसे कैसे डिपोर्ट किया जाएगा, यह वक्त ही बताएगा।



































