INDORE NEWS. इंदौर शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित नेहरू नगर की सड़कों का नया मास्टर प्लान बन चुका है। योजना के मुताबिक यहां 60 फीट चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इस काम के लिए क्षेत्र के कई रहवासियों के घर और दुकानें 10 फीट तक तोड़ी जाएंगी। इस सड़क चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय निवासी काफी समय से विरोध जताए हुए हैं।

वैध है 1965 से बसाई कॉलोनी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव और अन्य नेताओं ने यहां के लोगों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की है। नेहरू नगर की यह कॉलोनी मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने 1965 में बनवाई थी। यह क्षेत्र शहर के सबसे विकसित इलाकों में से एक माना जाता है। मगर, ट्रैफिक बढ़ने की वजह से प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए कदम उठाए हैं। इस योजना में रहवासियों के कई घर और दुकानें प्रभावित होने वाली हैं।

घर-दुकान हटने से भारी नुकसान
रहवासियों का कहना है कि उनके घर और दुकानें पूरी तरह वैध हैं। उनमें से कई की रजिस्ट्री बैंकों में गिरवी भी रखी हुई है। घर और दुकानें टूटने पर उन्हें न केवल बड़ा आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि फिर से लोन लेकर निर्माण करना भी मुश्किल होगा। ये विकास नहीं विनाश है। एक महिला दुकानदार ने कहा कि हम महिलाओं को सशक्त बनाने की बात करते हैं, लेकिन यहां उनकी दुकानें तोड़ी जा रही हैं।

अटल द्वार भी सड़क चौड़ीकरण में फंसा
कुछ लोगों ने बताया कि घर दुकान बनवाने के लिए जो कर्जा लिया था, अभी तक वो पूरा नहीं हुआ है। मकान टूटे तो फिर से कर्ज लेना पड़ेगा।दोनों तरफ से 5-5 फीट तोड़ा जाएगा। इससे फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। इंदौर का लोकप्रिय अटल द्वार भी इसी इलाके में है। सड़क चौड़ी करने के लिए अटल द्वार को भी हटाना पड़ सकता है। शहर के नेताओं और प्रशासन ने इसका बड़ा प्रचार-प्रसार किया था।

अब 50 फीट की जगह 60 फीट होगी सड़क
वीर सावरकर प्रतिमा से अटल गेट तक 1.33 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। वर्तमान सड़क 50 फीट चौड़ी है, जिसे 60 फीट किया जाएगा। इस योजना पर करीब 1270 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि रहवासियों से बातचीत जारी है और उनकी मांगों को ध्यान से सुना जा रहा है। वे विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोशिश करेंगे कि बीच का रास्ता निकल सके।


































