RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अभनपुर में साल 2020 से 2024 के बीच भारतमाला परियोजना में बड़ा भ्रष्टचार किया गया। रायपुर से विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित इकॉनामिक कॉरीडोर के भू-अर्जन मुआवजा घोटाले में करोड़ों रुपए का भष्ट्राचार करने वाले एक महिला समेत तीन पटवारियों को को गिरफ्तार किया गया है।

आपको बता दें कि तत्कालीन पटवारी दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे पर आरोप है तीनों ने अपने इलाके में शासन द्वारा अर्जित भूमि को पुनः शासन को विक्रय कर मुआवजा देने, बैक डेट में बंटवारा और नामांतरण करना, भूमि स्वामी के बदले किसी अन्य को मुआवजा देने समेत कई प्रकार की गड़बड़ियां की है जिससे शासन को करोड़ों रूपये की आर्थिक हानि हुई है।

आरोपियों को गिरफ्तार कर EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया, EOW ने पूछताछ के लिए कोर्ट से आरोपियों की सात दिनों की रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। आरोपी अब 4 नवंबर तक EOW की रिमांड में रहेंगे।

बता दें की 28 अक्तूबर को उच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी से रोक हटाने जाने के पश्चात् इन्हें गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण के अन्य आरोपी, जो अभी भी फरार हैं, की पता तलाश कर गिरफ्तारी की जानी है। पूर्व में दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को 10 आरोपियों, जिनमें 02 लोकसेवक हैं, के विरूद्ध प्रथम अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।





































