BIJAPUR NEWS. बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के पहाड़ों को 7वें दिन भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। इस पहाड़ी को जवानों ने घेर रखा है। बताया जा रहा है कि लाल आतंक के खिलाफ फोर्स ने अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया है। इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना व महाराष्ट की पुलिस भी साथ में है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहाड़ के निचले हिस्से में अस्थाई कैंप जवान बनाने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह ऑपरेशन मानसून तक चलेगा। इलाके के लोग बता रहे हैं कि पहाड़ के आसपास के हिस्सों में जवानों ने ठिकाना बनाया हुआ है और यहां अस्थाई कैंप में लगाए जाने वाले साजो, सामान जमा किया जा रहा है।
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नक्सलियों के खिलाफ यह ऑपरेशन उसूर के घने जंगलों, खासकर कर्रेगुट्टा और दुर्गम राज गुट्टा क्षेत्रों में चल रहा है। इस अभियान में सीआरपीएफ, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और ग्रेहाउंड फोर्स के हजारों जवानों की तैनाती की गई है। ऑपरेशन की निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहे इस अभियान की पूरी जानकारी सुरक्षाबलों तक पहुंचाई जा रही है।

ऑपरेशन में जवानों को बड़ी सफलता मिली है। जवानों ने नक्सलियों के लगाई बियर बम बरमाद करने के बाद नष्ट कर दिया। वीडियो में जवान बड़ी सावधानी से जमीन के अंदर से खोदकर निकालते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यहां फोर्स एक अस्थाई कैंप खोलने जा रही है और कम से कम मानसून के परवान चढ़ने तक यहां जवानों को तैनात किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मानसून के दौरान इलाके में पहाड़ी नदियों और नालों का बहाव कैसा है इसका अंदाजा फोर्स के जवानों को भी नहीं है।

ऐसे में फिलहाल फोर्स यहां एक अस्थाई कैंप खोलने जा रही है और पहाड़ पर अपनी पकड़ को बरकरार रखना चाहती है। इस बीच यदि मानसून में भी स्थिति जवानों के अनुकुल होगी तो कैंप को आगे स्थापित रखा जायेगा नहीं तो मानसून से पहले कैंप वापस उठा लिया जाएगा। इधर छठवें दिन भी जवान पहाड़ों के नीचे डटे रहे लेकिन जवानों को कोई सफलता नहीं मिली है।
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इस दौरान जवानों ने पहाड़ को घेरा हुआ है ऐसे में अब कई जवान गर्मी और पैदल चलने की वजह से थक गये हैं और डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। जवानों को बीमार होने से बचाने के लिए अब कर्रेगुट्टा से थके हुए जवानों को वापस जिला मुख्यालय भेजा जा रहा है और जिला मुख्यालय में तैनात जवानों को कारेकट्टा भेजा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया अस्थाई कैंप खुलने तक जारी रहेगी।
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इसके अलावा यदि अस्थाई कैंप खुल भी गया तो यहां जवानों की तैनाती के लिए एक शार्ट ड्यूटी चार्ट बनाया जायेगा और कुछ दिनों में जवानों को यहां से वहां भेजा जाएगा। बता दें कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से कारेकट्टा पहाड़ के नीचे एक नई गुफा मिलने का दावा किया जा रहा है साथ में यह भी दावा किया जा रहा है कि यह गुफा नक्सलियों की पनाहगाह है।
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सोशल मीडिया में इस आशय की खबरें ट्रेंड होने के बाद अब स्थानीय ग्रामीण सामने आए हैं और उन्होंने बताया है कि यह कोई खुफिया या फिर नक्सलियों के छिपने वाली गुफा नहीं है। स्थानीय लोगों का इस गुफा में अक्सर आना जाना रहा है और गुफा के अंदर शिवलिंग मौजूद है जिसकी पूजा करते हैं।





































