MUMBAI NEWS. प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल का स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया है। 23 दिसंबर को शाम 6:30 बजे 90 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। हाल ही में उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था। उनकी मौत की जानकारी देते हुए बेटी पिया बेनेगल ने कहा कि एक दिन ऐसा होना ही था। भारत सरकार ने उन्हें 1976 में पद्मश्री और 1991 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। उनकी सफल फिल्मों में सरदारी बेगम, जुबैदा और मंथन शामिल हैं।

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श्याम बेनेगल का इस दुनिया से चले जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। बताया गया है कि 23 दिसंबर को शाम 6:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका जन्म 14 दिसंबर 1934 को हुआ था। हाल ही में उन्होंने अपना 90वां जन्मदिन मनाया था। अभिनेत्री शबाना आज़मी ने इस पार्टी की तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। जिसमे वो श्याम बेनेगल और नसीरुद्दीन शाह साथ नजर आ रहे है।

श्याम बेनेगल ने 1974 में आई फिल्म ‘अंकुर’ से डायरेक्शन की शुरुआत की थी। सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। उन्होंने ‘निशांत’, ‘मंथन’, ‘भूमिका’ और ‘सरदारी बेगम’ जैसी यादगार फिल्में बनाईं। बता दें, ‘मंथन’ दर्शकों के आर्थिक सहयोग से बनाने वाली पहली फिल्म थी। उनकी फिल्मे आम लोगों के जीवन की सच्चाई और संघर्षों को दिखती थी। करिश्मा कपूर के करियर की आइकॉनिक फिल्म जुबैदा भी श्याम बेनेगल ने डायरेक्ट की थी।

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श्याम बेनेगल ने भारतीय सिनेमा को कई अनमोल कलाकार भी दिए, जिनमें शबाना आजमी, ओम पुरी, अमरीश पुरी, स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह, अनंत नाग जैसे महान कलाकार शामिल हैं। फिल्मों के अलावा दूरदर्शन पर आने वाले कई मशहूर सीरियलों का निर्देशन भी श्याम बेनेगल ने ही किया था। इनमे ‘भारत एक खोज’ और ‘कहता है जोकर’, ‘कथा सागर’ काफी पसंद किये गए थे थे। अमरीश पुरी ने अपनी आत्मकथा ‘एक्ट ऑफ लाइफ’ में श्याम बेनेगल को चलता-फिरता विश्वकोश बताया है।




































