BEIRUT. लेबनान एक बार फिर धमाकों से दहल गया। लेकिन इस धमाका अलग तरह का था और इस सीरियल ब्लास्ट से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी और 4000 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। दरअसल, लेबनान के कई शहरों में घरों, सड़कों और बाजारों में लोगों की जेब और हाथ में रखे पेजर (कम्युनिकेशन डिवाइस) अचानक फटने लगे। यह सिलसिलेवार 1 घंटे तक लेबनान से लेकर सीरिया तक हुआ। एक रिपोर्ट के मुताबिक ये हिजबुल्लाह को निशाना बनाते हुए किए गए सीरियल पेजर ब्लास्ट थे, लेकिन इसमें आम लोग भी हताहत हुए। ईरानी राजदूत भी इसमें घायल हो गए। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर धमाके कराने का आरोप लगाया है। लेबनान के ज्यादातर इलाके में हिजबुल्लाह का कब्जा है।

क्या है पेजर
पेजर एक ऐसा डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग 1990 के दशक में काफी लोकप्रिय था, खासकर डॉक्टर, बिज़नेसमैन और इमरजेंसी सेवाओं के प्रोफेशनल्स द्वारा। पेजर का काम होता है एक रेडियो सिग्नल के जरिए टेक्स्ट मैसेज को रिसीव करना। यह मुख्य रूप से तब काम आता था जब मोबाइल फोन इतने प्रचलित नहीं थे। आज भी, कुछ विशेष उद्योगों में जैसे कि हेल्थकेयर और इमरजेंसी सर्विसेज, पेजर का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह एक भरोसेमंद और सीधा-साधा संचार माध्यम है।
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ऐसे काम करता है पेजर
पेजर काम करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी का उपयोग करता है, जब किसी को मैसेज भेजना होता है, तो पेजर नेटवर्क उस मैसेज को सेंड करता है, जिसे पेजर डिवाइस रिसीव करता है। इस प्रक्रिया में कोई इन्टरनेट या कॉलिंग सुविधा की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि पेजर दूरदराज के क्षेत्रों और उन जगहों पर भी काम कर सकता है, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होता।
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इस पेजर के तीन मुख्य प्रकार
1. वन-वे पेजर- इसमें केवल मैसेज रिसीव किए जा सकते हैं।
2. टू-वे पेजर- इसमें मैसेज रिसीव करने के साथ-साथ जवाब भी भेजा जा सकता है।
3. वॉयस पेजर- इसमें वॉयस मेसेजेस रिकॉर्ड किए जा सकते हैं।
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पेजर की सुरक्षा और प्राइवेसी
दरअसल, पेजर की सुरक्षा व्यवस्था मोबाइल फोन या अन्य इंटरनेट आधारित डिवाइसों की तुलना में सीमित होती है। पेजर सिस्टम में एन्क्रिप्शन नहीं होता, जिससे इसका डेटा किसी भी इंटरसेप्टर द्वारा कैप्चर किया जा सकता है। हालांकि, पेजर का उपयोग करने वाले मुख्य तौर पर छोटे टेक्स्ट मैसेज ही भेजते हैं, लेकिन फिर भी इसकी मदद से संवेदनशील जानकारी जैसे मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड या गोपनीय बिजनेस प्लान्स का आदान-प्रदान किया जाता है।






































