RAIPUR. कोल और मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने दो खनिज अधिकारियों समेत चार आरोपियों की पुलिस रिमांड खत्म कर दी। इसके बाद आज आरोपियों को ईडी की विशेष न्यायालय में पेश किया गया। ईडी ने इनमें से किसी की रिमांड नहीं मांगी, इससे कोर्ट ने चारों को 13 फरवरी (14 दिन) तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दे दिया। वहीं, जेल में बंद राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया के खिलाफ न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में ईडी ने 5503 पन्नों का चालान पेश किया है, जबकि 178 पन्नों का परिवाद है। सौम्या को दो दिसंबर 2022 को ईडी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह न्यायिक रिमांड पर वह रायपुर सेंट्रल जेल में हैं।

कोर्ट के आदेश पर ईडी की गिरफ्त में आए उपसंचालक खनिज एसएस नाग, खनिज अधिकारी संदीप कुमार नायक समेत भिलाई के दीपेश टांक और फर्जी ईडी अधिकारी बनकर कोयला घोटाला मामले में जेल में बंद एक कारोबारी के परिजन से 20 लाख रुपये ठगने वाले मुंबई के राजेश चौधरी को भी अाज रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की कोर्ट में दोपहर बाद सौम्या चौरसिया के खिलाफ ईडी की ओर से पेश किए गए चालान पर दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस चली। आज पेश किए गए चालान में आठों आरोपियों के नाम हैं। इनमें सौम्या चौरसिया समेत उनके भाई अनुराग चौरसिया, कैलाश तिवारी, रजनीकांत तिवारी, शिवकुमार नाग, दीपेश टांग, संदीप कुमार नायक और राजेश चौधरी शामिल हैं।

ईडी की ओर से पेश किए गए चालान में आठों आरोपियों पर करीब 170 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले का आरोप है। ईडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आरोपितों ने मिलीभगत कर कोयला स्कैम से पैसा कमाया फिर उसके 17.48 करोड़ रुपये का अलग-अलग नामों से 51 प्रापर्टी में निवेश किया है। इन्होंने बेशकीमती जमीनों को औने-पौने कीमत पर खरीदी की है।

चालान पर अगली सुनवाई 14 को
ईडी ने सीआरपीसी की धारा 173 के तहत बंद लिफाफे में कोर्ट में आवेदन पेश किया, जिसमें जांच के दौरान आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और चालान पेश करने की अनुमति मांगी है। कोर्ट ने इस आवेदन पर अनुमति मंजूर कर ली है। चालान पर अगली सुनवाई 14 फरवरी को तय की गई है।





































