NEW DELHI. दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट बीएफ.7 ने हड़कंप मचा दिया है। चीन से जो खबरें और तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो बहुत विचलित करने वाली हैं। लोगों को सिरदर्द तक की दवाएं नहीं मिल पा रही हैं और उस पर कोटा लगा दिया गया है। दुनिया के अन्य देशों में भी बढ़ते कोरोना के मामलों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को देश में कोविड-19 स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से कहा कि लोग एक बार फिर से मास्क लगाएं और जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है, वे उसे कराएं। कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर लोग घबराए हैं और उनके मन में कई सवाल हैं।
आखिर कोरोना का वायरस ठंड में ही क्यों जाग जाता है। चीन में तबाही मचाने वाला यह वायरस क्या है और इसके लक्षण क्या हैं। इस खबर में हम आपको कोरोना के इस नए वैरिएंट के बारे में हर जानकारी देने जा रहे है….
ठंड में ही क्यों ज्यादा एक्टिव हो जाता है वायरस
ठंड में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बढ़ने के बारे में एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि सर्दियों में वायरल इंफेक्शन बढ़ जाता है। ऐसे में हायर रिस्क वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। डॉ. गुलेरिया ने लोगों को बूस्टर डोज लगवाने को कहा। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि भारत में बाहर से आए लोगों की टेस्टिंग कम हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि सर्दी और जुकाम है तो जांच जरूर कराएं। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि चीन के मुकाबले हमारी स्थिति बेहतर है। उन्होंने कहा केसों की जीनोम सिक्वेंसिंग के साथ ही कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करना जरूरी है।

बीएफ.7 वेरिएंट के क्या हैं लक्षण
रिपोर्ट के अनुसार बीएफ.7 सबसे अधिक ऊपरी श्वास नली को प्रभावित करता है। कोरोना के बीएफ.7 वेरिएंट से जुड़े संक्रमण के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना शामिल है। इसके अलावा थकान, उल्टी और दस्त के लक्षण दिख सकते हैं। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को यह वायरस गंभीर रूप से बीमार कर सकता है।

सबसे तेजी से फैलता है इसका संक्रमण
BF.7 सब-वेरिएंट अपने क्लास में अब तक सामने आए अन्य वेरिएंट की तुलना में सबसे अधिक संक्रामक है। एक्सपर्ट का कहना है कियह वेरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है। इस वायरस का इन्यक्यूबेशन पीरियड काफी कम है। यह वायरस लोगों को तेजी से संक्रमित कर सकता है। इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह वायरस वैक्सीन ले चुके लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है।







































