RAIPUR. छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए एक बार फिर तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए अब मध्यप्रदेश से 4 बाघ लाकर बार नवापारा में बसाएंगे। साथ ही इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। दरअसल, भूपेश सरकार ने वन विभाग के इस प्रस्ताव को सहमति दे दी है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बाघ के जोड़ों को पहले जंगल के बीच बने पांच एकड़ बाड़े में रखेंगे। यहीं उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उसके बाद धीरे-धीरे बाड़े का साइज बढ़ाकर बाघों को ऐसा माहौल देने की कोशिश की जाएगी, जिससे उन्हें लगेगा कि वे खुले वन में हैं। वहीं उनके लिए भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी। बाड़े में बाघों को शिकार करके भोजन करना होगा। इससे उन्हें शिकार की आदत पड़ेगी। उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जाएगी।

जानकारी के अनुसार बार नवापारा में 2010 यानी 12 साल पहले अंतिम बार बाघ की मौजूदगी के प्रमाण मिले थे। विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार बार नवापारा में बाघ के स्थायी बसेरे की बेहद अनुकूल स्थिति है। बार 70-80 के दशक में आसानी से बाघ की साइटिंग होती थी। धीरे-धीरे संख्या कम हुई ओर बाघ पूरी तरह से खत्म हो गए। हालांकि यहां बाघ की बसाहट बढ़ाने की सारी अनुकूल स्थिति को देखते हुए करीब 10 साल से उन्हें दोबारा बसाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

दिल्ली की मुहर के बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा
अफसरों ने बताया कि टाइगर री-इंट्रोडक्शन एवं टाइगर रिकवरी प्लान के तहत ख्याति प्राप्त वन्य प्राणी संस्थान से हैबिटेट सुटेबिलिटी रिपोर्ट तैयार करवाने के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली भेजी जाएगी। वहां अंतिम मुहर लगने के बाद प्रोजेक्ट पर काम चालू किया जाएगा।

मप्र में नामीबिया से लाए गए थे बाघ
बता दें कि पिछले दिनों नामीबिया से चीते को लेकर मप्र के जंगलों में बसाने की कोशिश हुई। उसके बाद यहां के प्रोजेक्ट में तेजी आई। इसी फार्मूल को देखते हुए सोमवार को राज्य वन जीव बोर्ड में इसका प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव के साथ कई अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।







































