LONDON. कंपनियों में 5 डेज वीक का वर्क कल्चर अब पुरानी बात हो रही है। अब हफ्ते में चार दिन काम और तीन दिन आराम का नया फार्मूला निकाला गया है। मजेदार बात यह है कि इसकी वजह से कंपनियों की प्रोडक्टिविटी भी प्रभावित नहीं हुई है। इसके उलट कुछ जगहों पर तो प्रोडक्टिविटी बढ़ी है। ब्रिटेन में हुए इस ट्रायल में शामिल 88 प्रतिशत कंपनियों का कहना था कि चार दिन के काम का हफ्ता उनके व्यापार के लिए अच्छा जा रहा है।
जिन कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर चार-दिवसीय कार्य सप्ताह को अपनाया है, वे ज्यादातर सेवा क्षेत्र से जुड़ी हुई कंपनियां हैं। इनमें प्रौद्योगिकी, इवेंट और मार्केटिंग की कंपनियां शामिल है। हालांकि, अब कुछ मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनियां भी इस मुहिम से जुड़ गई हैं।







गार्जियन के मुताबिक, उनका कहना है कि चार दिन का वर्क वीक प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा। जिन लोगों ने अतीत में इस नीति को अपनाया है, उन्होंने इसे कर्मचारियों को आकर्षित करने और बनाए रखने में मददगार पाया है। चार दिवसीय कार्य सप्ताह को अपनाने वाली 100 कंपनियों में से दो सबसे बड़ी कंपनियां एटम बैंक और वैश्विक विपणन कंपनी एविन हैं, जिनके यूके में लगभग 450 कर्मचारी हैं।
यानी उदाहरण के लिए यदि कोई कर्मचारी पहले पांच दिन नौ घंटे रोजाना काम करता था, तो वह हफ्ते में कुल 45 घंटे काम करता था। मगर, अब वह चार दिन रोजाना नौ घंटे ही काम कर रहा है। यानी वह हफ्ते में 36 घंटे ही काम कर रहा है, उसे काम के घंटे बराबर करने के लिए रोजाना के नौ घंटे की जगह 10 घंटे काम करने के लिए नहीं कहा गया है।






























