DURG. छत्तीसगढ़ में एक नवंबर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार से लेकर जिला स्तर पर तगड़ी तैयारियां की जा रही है। प्रदेश से लेकर संभाग और जिला स्तर के जिम्मेदार अधिकारी लगातार बैठकें लेकर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित कर रहे है। साथ ही अंधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं पर भी निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं धान विक्रेता किसानों की काउंसलिंग की जाएगी। यहां विशेषज्ञ काउंसलर मौजूद रहेंगे और किसानों की ट्यूशन लेंगे।

दुर्ग जिले में एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। तैयारी सुव्यवस्थित हो इसके लिए आज दुर्ग कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने धान के विक्रय के लिए आए किसानों के लिए सर्व सुविधायुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए कहा।
आसान भाषा में समझाएंगे काउंसलर
कलेक्टर ने कहा कि केन्द्र में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत होने की स्थिति में काउंसलिंग व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। कई बार पंजीयन व रकबे की एंट्री में त्रुटि होने के कारण कृषकों को परेशानी होती है। ऐसे में उनकी दिक्कत को दूर करने के लिए काउंसलर द्वारा आसान भाषा में उन्हें नियमावली की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या का निराकरण करने का यथासंभव प्रयास किया जाएगा।

सतत मॉनिटरिंग करें अधिकारी
इसके अलावा उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व सभी 94 धान उपार्जन केंद्रों में चेक लिस्ट के अनुरूप तैयारी सुनिश्चित करने की बात अधिकारियों से कही। कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि धान विक्रय के लिए आने वाले पंजीकृत किसानों को किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने उपार्जन केंद्रों में सार्टेज की समस्या न हो और रोजाना खरीदे गए धान की एंट्री एवं समीक्षा सुनिश्चित करने की जावबदेही संबंधित अधिकारी की होगी। इसके अलावा उन्होंने धान खरीदी के लिए बनाए गए नोडल अधिकारियों को सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

बारदानें उपलब्ध कराने दिए निर्देश
कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर पुराने तथा नए किसानों का पंजीयन, रकबा सत्यापन, टोकन व्यवस्था, बारदानों की उपलब्धता एवं धान खरीदी बाधित न हो इसके लिए सुनिश्चित व्यवस्था करने के लिए कहा।
मिलरों के साथ होगी बैठक
इस साल भी केंद्रों से उपार्जित धान का मिलर सीधे उठाव करेंगे। उठाव की व्यवस्था त्वरित हो और प्रबंधन बेहतर ढ़ंग से हो इसके लिए मिलर के सदस्यों के साथ जल्द बैठक की जाएगी।

बिचौलियों पर रहेगी पैनी नजर
इसके साथ ही अवैध धान के भंडारण और परिवहन पर नकेल कसने के लिए तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिले की सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थापित चेकपोस्ट पर भी चर्चा की गई। इसी तरह कोचियों और बिचौलियों के विरुद्ध कार्यवाही तथा लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने के लिए राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को निर्देश दिया गया है।





































