BHILAI. नौवीं पास ठग ने सॉफ्यवेयर डेवलपर से चंद रुपए में 10 हजार लोगों के नंबर हासिल कर ठगी को अंजाम दिया है। शातिर ठग तक पहुंचने दुर्ग पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जामताड़ा गिरोह के कुख्यात आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस ने जामताड़ा में रोड ठेकेदार बनकर पांच दिनों तक रेकी की और आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस ने बिजली बिल के नाम पर स्कैम करने वाले झारखंड के कुख्ताय ‘जामताड़ा गिरोह’ का पर्दाफाश किया। देश के विभिन्न राज्य में लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह तक पहुंचने में दुर्ग पुलिस कामयाब रही। दुर्ग पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ.अभिषेक पल्लव के निर्देश पर गठित एंटी क्राइम, साइबर यूनिट दुर्ग, थाना भिलाई नगर, सुपेला थाना और स्मृति चौकी की संयुक्त कार्यवाही की गई।

बता दें सुंदर नगर, कोहका निवासी पुष्पेंद्र गजेंद्र ने स्मृति नगर चौकी में ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। प्रार्थी ने बताया कि उसके वाट्सएप पर मैसेज आया था कि जल्द बिजली बिल अदा कर दे अन्यथा बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। मैसेज में अधिक जानकारी के लिए बिजली विभाग के तथाकथिक अधिकारी के नंबर का भी उल्लेख था, जिनके झांसे में आकर प्रार्थी ने उस मोबाइल नंबर पर कॉल कर दिया और बतौर अधिकारी उस आरोपी ने इसे एक सॉफ्टवेयर ‘quicksupport’ डाउनलोड करने का निर्देश दिया और डाउनलोड होते हुए प्रार्थी के बैंक एकाउंड से एक लाख 48 हजार 30 रुपए कट गए। उक्त गिरोह द्वारा प्रार्थी के बिजली कलेक्शन कट जाने का झांसा देकर धोखाधड़ी की गई, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने स्मृति नगर में दर्ज कराई थी।

दुर्ग एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरोह का एक आरोपी मुकेश मण्डल (27) को हमने दबोच लिया है। तीन अन्य आरोपी फरार है, जिन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा। साथ ही आरोपी से घटना में प्रयुक्त दो एंड्राइड मोबाइल, एक सिम कार्ड, एक लैपटॉप, दो की-पेड मोबाइल सहित 35 हजार पांच सौ रुपए बरामद किया गया है। डा.पल्लव ने बताया कि आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में अफने साथी अजय मण्डल, अक्षय उर्फ पिंटू मण्डल और रंजीत मण्डल के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकारी है।





































