तीरंदाज, डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ से कुछ दिन पहले 6 करोड़ रुपए के लिए एक युवक के अपहरण की बात सामने आई थी। युवक के परिजनों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कथित रूप से अपहृत युवक खुद ही थाने पहुंचा और अपहरण की बात से इनकार किया। पुलिस अब इस पूरे मामले में झूठी शिकायत व पुलिस को गुमराह करने का मामला बनाने की तैयारी कर रही है।

बता दें डोंगरगढ़ के वार्ड नंबर 15 निवासी मोनिश वर्मा के अपहरण की खबर फैली थी। एसपी ऑफिस में शिकायत के बाद पुलिस युवक की तलाश शुरू की गई। बताया जा रहा था कि मोनिश वर्मा 10 हजार रुपए की सैलरी पर एक जगह गेम खेलने का काम करता था। वह अचानक 6 करोड़ रुपए जीत गया और इन्हीं रुपयों के लिए उसका अपहरण कर लिया गया। परिजनों ने मोनिश के मालिक पर ही शक जताया था। अब इस मामले का खुलासा हो गया है।

इस मामले की जानकारी देते हुए डोंगरगढ़ एसडीओपी कृष्णा पटेल ने बताया की मोनिश वर्मा ने आज डोंगरगढ़ पुलिस थाना पहुंच कर अपहरण जैसी किसी भी वारदात को नकार दिया है और अपने दोस्त के साथ कहीं जाने की बात बताई है। इसके बाद पुलिस द्वारा उस व्यक्ति का बयान भी लिया जाएगा। वहीं पूरा मामला पैसे के लेन देन से जुड़ा होने की जांच भी पुलिस द्वारा की जा रही है। जहां युवक मोनिश वर्मा शेयर मार्केट के पैसे का लेन देन होने की बात सिद्ध होने पर कार्यवाही की जाएगी।

एसडीओपी कृष्णा पटेल ने बताया कि अपहरण कर 6 करोड़ की मांग करने की शिकायत परिजनों द्वारा जो बीते दिनों पुलिस में की गई थी वह भी युवक मोनिश वर्मा के बयान के आधार पर झूठी पाई गई है। इस मामले में झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए शिकायत कर्ता पर कार्रवाई की जाएगी। यदि अपहरण की झूठी बातें फैलाकर कहीं न कहीं मीडिया व पुलिस का दुरुपयोग किया गया है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।





































