गोरखपुर। रविवार रात को गोरखनाथ मंदिर में सुरक्षाकर्मियों पर जो हमला हुआ, वह वास्तव में एक आतंकी हमला था। पहले इसे सामान्य हमला माना गया था। गृह विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे साफ है कि हमले के पीछे आतंकी साजिश है। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पर रविवार रात हुआ हमला आतंकी हमला था।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत किशोर ने कहा कि मंदिर पर हमला एक गंभीर साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी के लैपटॉप से मिली जानकारी के आधार पर कहा जा सकता है कि यह एक आतंकी घटना है। एटीएस और एसटीएफ दोनों मिलकर हमले की जांच कर रहे हैं। हमलावर अब्बासी मुर्तजा ने 2015 में मुंबई आईआईटी से केमिकल इंजीनियरिंग की थी।
वहीं, एसीएस (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि हमले में दो पीएसी और एक पुलिस कर्मी घायल हो गया। उन्होंने बहादुरी से हमले को नाकाम कर दिया। अगर हमलावर ने मंदिर में प्रवेश किया होता, तो वह भक्तों को नुकसान पहुंचा सकता था। इन तीनों वीर जवानों को पांच-पांच लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।
मामले की जांच के लिए एटीएस के एसएसपी सुबह से ही गोरखपुर पहुंच चुके हैं। वहीं, एटीएस के एडीजी भी शाम तक गोरखपुर पहुंच रहे हैं। एसीएस (गृह) अवनीश अवस्थी भी गोरखपुर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही मामले की जांच यूपी एटीएस ने अपने हाथ में ले ली है। मंदिर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। मंदिर के मुख्य द्वार पर कड़ी जांच के बाद ही किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही एटीएस युवक के आतंकी कनेक्शन और उसकी मंशा की जांच में जुटी है।
रविवार रात हुआ था हमला
हमलावर मुर्तजा ने हाथ में धारदार हथियार लेकर रविवार शाम करीब 7:20 बजे पीएसी जवानों पर हमला किया। मंदिर के मुख्य पश्चिमी द्वार से लेकर परिसर के अंदर तक संदिग्ध ने करीब 15 मिनट तक तांडव किया और मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी डर के मारे भागते रहे। 2015 में IIT मुंबई से केमिकल इंजीनियर रहा मुर्तजा हाथ में हथियार लिए गोरखनाथ मंदिर और थाने के ठीक सामने सड़कों पर दौड़ता रहा। जनता और पुलिस उसे देखकर भागती रही। इसी बीच मुर्तजा ने ‘अल्लाह हू अकबर’ का नारा भी लगाया और चिल्लाते हुए पुलिसकर्मियों से कहा कि ‘मैं चाहता हूं कि तुम लोग मुझे गोली मार दो।’




































