KORBA NEWS. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिला प्रशासन ने सख्त प्रशासनिक व्यवस्था लागू कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत ने आदेश जारी कर 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस अवधि में बिना पूर्व अनुमति कोई भी अधिकारी जिला मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेगा।

जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विधानसभा सत्र के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर निर्धारित समय-सीमा में शासन और वरिष्ठ कार्यालयों को भेजना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि किसी अधिकारी को अत्यावश्यक कारण से मुख्यालय छोड़ना हो, तो उन्हें कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि बजट सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। वित्त मंत्री OP Choudhary 24 फरवरी को सदन में बजट पेश करेंगे। इसके बाद 26 और 27 फरवरी को बजट पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।

धर्म स्वतंत्रता विधेयक भी होगा पेश
सत्र के दौरान सरकार धर्म स्वतंत्रता से संबंधित विधेयक भी सदन में प्रस्तुत करेगी। प्रस्तावित बिल को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है और इसे बजट सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि विधानसभा सत्र के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।




































