TELANGANA/RAIPUR NEWS. देश से नक्सल खात्मे के अभियान के बीच आज यानी 22 फरवरी को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित माओवादी संगठन को बड़ा झटका देते हुए उसके शीर्ष नेता और महासचिव Tipiri Tirupati उर्फ देवजी ने आत्मसमर्पण कर दिया। जानकारी के अनुसार उन्होंने तेलंगाना के जंगल क्षेत्र में पुलिस और स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो के समक्ष हथियार डाले। उनके साथ पोलित ब्यूरो सदस्य Malla Rajireddy (संग्राम) और Narasimha Reddy (गंगन्ना) समेत 15 से 20 अन्य माओवादी कैडरों के भी सरेंडर करने की खबर है।

दुर्दांत नक्सली देवजी तेलंगाना के करीमनगर जिले का रहने वाला है, उसका जन्म जिले के कोरुटला के एक दलित परिवार के यहां हुआ था। करीब 62 साल के नक्सली देवजी को तिप्पिरी तिरुपति उर्फ संजीव पल्लव नाम से भी जाना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, मई 2025 में पूर्व प्रमुख नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू की मृत्यु के बाद देवजी को संगठन का महासचिव बनाया गया था। उन पर तेलंगाना में 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अन्य राज्यों में उनके खिलाफ मामलों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

6 करोड़ के इनामी और 135 जवानों का हत्यारे देवजी पिछले करीब साढ़े तीन दशक से लाल आतंक नक्सलवाद से जुड़ा हुआ है। उसे बेहद दुर्दांत नक्सली कमांडर माना जाता रहा है। उसके ऊपर देश के अलग-अलग राज्यों में कुल छह करोड़ रुपये का इनाम है। वह नक्सलियों की सेंट्रल मिलिट्री कमांड का प्रमुख भी रह चुका है, उसे गुरिल्ला वॉर का एक्सपर्ट माना जाता है. अपनी गुरिल्ला शैली में जंगल में सुरक्षा बलों पर हमला करने में वह माहिर था।

सुरक्षा एजेंसियां इस आत्मसमर्पण को केंद्र सरकार के वामपंथी उग्रवाद विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही हैं। लगातार चल रहे अभियानों के कारण शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में जवानों को लगातार सफलता मिल रही है और यह आत्मसमर्पण उसी कड़ी का हिस्सा है। देवजी का समर्पण करना बड़ी सफलता है. संग्राम ने भी समर्पण किया है, नक्सलियों की कमर टूट गई है।

वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बसवा राजू के निष्क्रिय होने के बाद देवजी बड़ा नाम था। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ और सक्रिय माओवादी नेताओं को भी मुख्यधारा में लाने के प्रयास जारी हैं। सरकार पुनर्वास, आजीविका और सामाजिक पुनर्स्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कर रही है।
पहले भी कई बड़े कमांडर कर चुके हैं सरेंडर
- सुजाता उर्फ कल्पना उर्फ पोथुला पद्मावती (किसनजी की पत्नी) CCM 13.09.25 हैदराबाद तेलंगाना
- मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति PBM/CCM 14.10.25 गढ़चिरौली महाराष्ट्र
- सतीश उर्फ रूपेश उर्फ टक्कलपल्ली वासुदेव राव CCM 17.10.25 जगदलपुर छत्तीसगढ़
- पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना CCM 29.10.25 हैदराबाद तेलंगाना
- रामदर मज्जी उर्फ सोमा CCM 08.12.25 राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
- देवजी उर्फ तिरुपति पोलित ब्यूरो ccm 22.02.26 तेलंगाना



































