SURAJPUR NEWS. कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई सिगड़ी एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई। जिले के कोट चन्दरपुर गांव में बंद कमरे में पत्थर कोयला जलाकर सोए दंपती और उनकी चार साल की बेटी की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। मामला सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात 28 वर्षीय कवल सिंह, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कुंती और उनकी मासूम बेटी ठंड से बचने के लिए कमरे के भीतर सिगड़ी में कोयला जलाकर सो गए थे। कमरे में न तो खिड़की थी और न ही रोशनदान, जिससे धुआं बाहर नहीं निकल सका और जहरीली गैस भर गई। सुबह तक जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को आशंका हुई। अंदर जाकर देखा तो तीनों अचेत अवस्था में मिले।

प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कोयले के अधजले धुएं से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दम घुटने से मौत हुई। बंद कमरे में सिगड़ी या कोयला जलाने से ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटता है और जहरीली गैस जानलेवा हो सकती है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड में कमरे के अंदर सिगड़ी या कोयला जलाकर सोना बेहद खतरनाक है। ऐसे में पर्याप्त वेंटिलेशन (खिड़की/रोशनदान) सुनिश्चित करना चाहिए या सुरक्षित हीटर का उपयोग करना चाहिए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।




































