RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर ठगी का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। इस गिरोह ने अब तक 74 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। बेरोजगार युवाओं को लुभावने पोस्टर्स और विज्ञापनों के जरिए निशाना बनाया जा रहा था।

राखी थाना क्षेत्र के पारस कुमार से 24 लाख रुपये और धरसीवा निवासी ललित साहू से 34 लाख रुपये की ठगी की गई। कोरोना काल के बाद ‘वर्क फ्रॉम होम’ की बढ़ती मांग को ठगों ने कमाई का जरिया बना लिया है।
ऐसे बिछाया जाता था जाल
गिरोह सरकारी दफ्तरों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के बाहर आकर्षक पोस्टर लगाता था और अखबारों में विज्ञापन देता था। संपर्क करने पर खुद को देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो का कर्मचारी बताकर भरोसा जीतते थे।

शुरुआत में आवेदकों से दस्तावेज मांगे जाते और फिर ‘सिक्योरिटी मनी’ के नाम पर 1500 से 2000 रुपये जमा कराए जाते। इसके बाद ओटीपी, यूपीआई डिटेल्स और बाहरी एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करवाकर बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए जाते थे।

राजस्थान से गिरफ्तारी, जांच जारी
रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के पाली और अजमेर से गिरोह के शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पूरे प्रदेश में सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसा रहा था।

पुलिस की अपील
पुलिस ने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी वैध कंपनी नौकरी देने के नाम पर पैसों की मांग नहीं करती। अनजान लिंक, क्यूआर कोड या ओटीपी साझा न करें और केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे फर्जी पोस्टर्स लगाने वालों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती।


































