BEMETARA NEWS. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के चर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस प्रकरण में जेल में बंद 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला वर्ष 2023 में हुए बहुचर्चित बिरनपुर हत्याकांड से जुड़ा है, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।

8 अप्रैल 2023 को भड़की थी हिंसा
8 अप्रैल 2023 को बेमेतरा के बिरनपुर गांव में दो बच्चों के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। देखते ही देखते मामला सामुदायिक तनाव में बदल गया। इस हिंसा में 22 वर्षीय भुवनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद गांव में हालात तनावपूर्ण हो गए थे और भारी बवाल हुआ था।

इसके तीन दिन बाद, 11 अप्रैल को मुस्लिम समुदाय के पिता-पुत्र रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद के शव बरामद हुए थे। इस दोहरी हत्या से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।
सीबीआई जांच का हुआ था ऐलान
घटना के बाद राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने मामले की सीबीआई जांच कराने की घोषणा की थी। यह घोषणा विधानसभा सत्र के दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने की थी। इस मुद्दे को सदन में विधायक ईश्वर साहू ने प्रमुखता से उठाया था।

चुनावी सियासत से भी जुड़ा मामला
बिरनपुर हिंसा में अपने पुत्र को खोने वाले ईश्वर साहू को भारतीय जनता पार्टी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में साजा सीट से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन मंत्री रविंद्र चौबे को हराकर जीत दर्ज की थी।

कोर्ट का फैसला
अब जिला न्यायालय के फैसले में बिरनपुर हिंसा मामले में गिरफ्तार 17 लोगों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है।



































