BALRAMPUR NEWS. बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत हंसपुर गांव में राजस्व जांच के दौरान कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। घटना में घायल एक 60 वर्षीय ग्रामीण की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य का उपचार जारी है। इस बीच जानकारी मिली है कि एसडीएम सहित 4 हिरासत में लिया गया है। मामले को लेकर प्रशासन और विपक्ष आमने-सामने हैं तथा इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, कुसमी एसडीएम करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा रविवार देर शाम राजस्व टीम के साथ हंसपुर पहुंचे थे।

टीम बक्साइट के कथित अवैध उत्खनन की जांच कर रही थी। इसी दौरान गांव के तीन ग्रामीण—राम नरेश राम (60), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20)सर्ना के पास टीम को मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि वे गेहूं के खेत में सिंचाई कर घर लौट रहे थे, तभी उन्हें रोककर लाठी और लात-घूंसों से पीटा गया। इसके बाद तीनों को वाहन में बैठाकर कुसमी लाया गया। रास्ते में राम नरेश राम की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।

तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान राम नरेश राम की मौत हो गई। अन्य दो घायल उपचाराधीन हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि बॉक्साइट खनन के नाम पर खेत से लौट रहे ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों और आदिवासियों पर दबाव की राजनीति की जा रही है।

घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी और कुसमी थाना परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल एसडीएम सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। प्रशासनिक अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों और एक ग्रामीण की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।




































