NEW DELHI NEWS. ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। अब कर्मचारियों को पीएफ (Provident Fund) निकालने के लिए लंबा इंतजार और जटिल कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी। मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान ईपीएफओ एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च करने वाला है, जिससे यूपीआई (UPI) के ज़रिए सीधे बैंक खाते में पीएफ राशि ट्रांसफर की जा सकेगी। आइए जानते हैं इस नए ऐप से जुड़ी सभी अहम जानकारी।

ईपीएफओ का यह नया ऐप मौजूदा उमंग ऐप से अलग होगा और सीधे सब्सक्राइबर के बैंक अकाउंट से लिंक किया जाएगा। यह भीम समेत अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ काम करेगा और इसका उद्देश्य पीएफ निकासी को बैंकिंग लेवल की ही सुविधा प्रदान करना है। नए सिस्टम के तहत पीएफ खाते से राशि सीधे उपयोगकर्ता के लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाएगी, जहां सदस्य अपने यूपीआई पिन डालकर तुरंत पैसे निकाल सकेंगे। फिलहाल इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है और पीएफ निकालने के लिए यूएएन पोर्टल या उमंग ऐप पर क्लेम फाइल करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है।

ईपीएफओ ने इस नई सुविधा का परीक्षण (ट्रायल) शुरू कर दिया है। करीब 100 डमी (Dummy) अकाउंट पर टेस्टिंग हो रही है ताकि तकनीकी खामियों को समय रहते सुधारा जा सके। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षण सफल होने के बाद यह ऐप मार्च 2026 के अंत तक रोल आउट किया जा सकता है। नियमों के अनुसार सदस्य अपने ईपीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% हिस्सा निकाल सकेंगे। बाकी 25% राशि खाते में बनी रहेगी ताकि रिटायरमेंट फंड सुरक्षित रहे। नौकरी छोड़ने की स्थिति में भी इसी नियम का पालन होगा। वहीं बचे हुए 25% पीएफ बैलेंस को बाद में ही निकाला जा सकेगा, जब सदस्य नियमों के अनुरूप पात्र होंगे।

नए एप में यह स्पेशल फीचर्स होंगे शामिल
यूपीआई के माध्यम से तुरंत पीएफ निकासी
एलिजिबल बैलेंस और मिनिमम बैलेंस की अलग जानकारी
रियल-टाइम क्लेम स्टेटस ट्रैकिंग
5 लाख रुपये तक ऑटो-सेटलमेंट की सुविधा
डिजिटल केवाईसी और सेल्फ करेक्शन फीचर
पासबुक और बैलेंस चेक जैसी सेवाएं
एआई आधारित मल्टीलिंगुअल सपोर्ट

ईपीएफओ 3.0 की ओर बड़ा कदम
यह नया मोबाइल ऐप ईपीएफओ 3.0 अपग्रेड के हिस्से के रूप में पेश किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल क्लेम, फास्ट वेरीफिकेशन और आसान सेवा प्रक्रियाओं पर विशेष जोर है। ईपीएफओ के कुल डीपॉज़िट लगभग 26 लाख करोड़ रुपये हैं और इससे जुड़े करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर हैं, जिनमें लगभग 7.5 करोड़ सक्रिय सदस्य हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यूपीआई आधारित सुविधा के बाद बीमारी, शादी, शिक्षा या आपात स्थिति जैसे मौकों पर पीएफ राशि निकालना पहले से कहीं अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।

































