GARIYABAND NEWS. गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर थाना क्षेत्र स्थित बकली गांव में पुरानी रंजिश एक बार फिर भड़क उठी। मामूली विवाद से शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में सामूहिक हिंसा में बदल गई। हालात बेकाबू होते ही गांव में आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। स्थिति संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए देर रात IG भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जेल से हाल ही में छूटे कुछ आरोपियों और शिकायतकर्ता के बीच 1 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे मारपीट हुई। देखते ही देखते विवाद दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष ने हथियारों से हमला किया, जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने गुस्से में आकर आरोपियों के घरों में आग लगा दी। इस दौरान तीन से चार वाहन भी जलकर खाक हो गए। हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में एक जवान घायल हो गया, जिसे बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि विवाद की जड़ चार महीने पुरानी एक घटना से जुड़ी है। हथखोज गांव में कुछ युवकों का राहगीरों से मारपीट और लूटपाट करते हुए वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद फिंगेश्वर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद रविवार को शिकायतकर्ता के साथ मारपीट हुई और मामला फिर उग्र हो गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपियों ने करीब डेढ़ साल पहले गांव के शिव मंदिर को तोड़ा था, जिसका मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और आरोपी जमानत पर बाहर हैं। उनका कहना है कि इसी पुरानी रंजिश को लेकर गांव के लोगों पर हमले किए गए। रविवार को चार-पांच लोगों पर हमला होने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस पूरे इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हुए है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार है और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



































