NEW DELHI NEWS. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर कहा कि यह बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को सशक्त करता है। उन्होंने इसे 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार बताया और कहा कि इस बजट से रिफॉर्म एक्सप्रेस को नई ऊर्जा और गति मिलेगी जिससे आकांक्षी और प्रतिभाशाली युवाओं को उड़ान का पूरा अवसर मिलेगा।
MSME और महिलाओं के लिए नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से MSME को लोकल से ग्लोबल बनाने के लिए इस बजट को अपार अवसरों का हाइवे बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह (SHGs) के लिए एक आधुनिक इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश यही है कि हर घर में लक्ष्मी जी पधारें और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए बजट में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास
प्रधानमंत्री ने बजट में किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े सुधारों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वाटर वेज का विस्तार, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और टियर 2 और टियर 3 शहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही म्युनिसिपल बांड्स को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया गया, जिससे शहरों के आर्थिक आधार को मजबूत किया जाएगा। इन कदमों को “विकसित भारत की यात्रा की गति को और तेज करने” के रूप में प्रधानमंत्री ने बताया। बजट में पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि इस बजट में टूरिज्म और विशेषकर पूर्वोत्तर में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे देश के विभिन्न राज्यों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।

भारत की वैश्विक भूमिका और उभरते हुए उद्योग
प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब दुनिया के एक विश्वसनीय लोकतांत्रिक भागीदार और विश्वसनीय गुणवत्ता आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है। उन्होंने हाल ही में हुए “मदर ऑफ ऑल डील” जैसे बड़े व्यापार सौदों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सौदों का अधिकतम लाभ भारत के युवाओं और लघु-मध्यम उद्योगों को मिलेगा। बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई रफ्तार देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है, जिसमें सनराइज सेक्टर (उभरते हुए उद्योगों) को अभूतपूर्व तरीके से समर्थन दिया गया है।

भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने में संतुष्ट नहीं हैं। हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं और यह करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।




































