RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 के तहत आबकारी उप निरीक्षक पद पर जारी की गई नियुक्ति को तकनीकी कारणों के चलते तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय से चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, वहीं आयोग की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

राजधानी रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, CGPSC द्वारा राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची जारी होने के बाद विभिन्न विभागों में नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसी क्रम में आबकारी विभाग में उप निरीक्षक पद पर भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई थी। हालांकि अब संबंधित विभाग ने इन नियुक्ति आदेशों को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय तकनीकी कारणों के चलते लिया गया है, हालांकि इन कारणों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। सूत्रों की मानें तो चयन प्रक्रिया, पदों की संख्या, आरक्षण रोस्टर या दस्तावेज़ सत्यापन से जुड़ी किसी त्रुटि के कारण यह कदम उठाया गया हो सकता है। प्रशासनिक स्तर पर यह भी चर्चा है कि भविष्य में किसी कानूनी जटिलता से बचने के लिए समय रहते नियुक्ति को रद्द किया गया है।

इस फैसले से चयनित अभ्यर्थियों में निराशा का माहौल है। जिन उम्मीदवारों को पहले ही नियुक्ति आदेश मिल चुके थे, वे अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद मिली सफलता के बावजूद नियुक्ति निरस्त होना मानसिक तनाव का कारण बन गया है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी आयोग की परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में तकनीकी खामियों के चलते नियुक्ति आदेश रद्द होना आयोग और विभागीय समन्वय की कमी को दर्शाता है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह निरस्तीकरण अस्थायी भी हो सकता है और तकनीकी त्रुटियों के सुधार के बाद संशोधित आदेश या नई चयन सूची जारी की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में फिलहाल न तो CGPSC और न ही आबकारी विभाग की ओर से कोई स्पष्ट समयसीमा घोषित की गई है।
फिलहाल, आबकारी उप निरीक्षक पद की नियुक्ति रद्द किए जाने के इस आदेश से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मची हुई है और सभी की नजरें अब आयोग व सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।




































