WASHINGTON NEWS. ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ धमकियों ने अटलांटिक के दोनों किनारों पर तनाव बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर अब EU-US व्यापार समझौते पर पड़ता दिख रहा है। यूरोपीय संघ (EU) के सांसद अमेरिका के साथ हुए इस अहम ट्रेड डील को मंजूरी देने से पीछे हटने की तैयारी में हैं। संकेत हैं कि अगर दबाव की राजनीति जारी रही, तो यह समझौता यूरोपीय संसद में अटक सकता है। यूरोपीय संसद के सबसे बड़े राजनीतिक समूह यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (EPP) के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने सोशल मीडिया पर साफ कहा कि EPP EU-US ट्रेड डील के पक्ष में है, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों के मौजूदा माहौल में इसे मंजूरी देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर EU टैरिफ घटाने की प्रक्रिया फिलहाल रोकनी होगी।

यह व्यापार समझौता पिछले साल गर्मियों में EU कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुआ था। समझौते के तहत अमेरिका अधिकांश EU उत्पादों पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा, जबकि बदले में EU अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कुछ कृषि उत्पादों पर ड्यूटी खत्म करेगा। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच संभावित पूर्ण व्यापार युद्ध को टालना था। हालांकि समझौता आंशिक रूप से लागू है, लेकिन यूरोपीय संसद की औपचारिक मंजूरी अब भी बाकी है। राजनीतिक गणित भी इस डील के खिलाफ जाता दिख रहा है। अगर EPP और लेफ्ट-लीनिंग ग्रुप साथ मिलकर वोट करते हैं, तो इस समझौते को रोकना या ब्लॉक करना आसान हो जाएगा। वैसे भी कई EU सांसद शुरू से इस डील को अमेरिका के पक्ष में ज्यादा झुका हुआ मानते रहे हैं।

जुलाई में समझौते के बाद अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम पर 50 प्रतिशत टैरिफ को सैकड़ों और EU उत्पादों तक बढ़ा दिया था, जिससे यूरोप में नाराजगी और बढ़ गई। EU कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के टैरिफ ट्रांसअटलांटिक रिश्तों को कमजोर करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी रुख को “अस्वीकार्य” करार दिया है। वहीं यूरोपीय संसद की ट्रेड कमेटी के चेयर बर्न्ड लांगे ने कहा कि देशों की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने EU के एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट (ACI) के इस्तेमाल की बात कही, जो दबाव वाली व्यापारिक कार्रवाइयों के जवाब में टैरिफ, टेक कंपनियों पर टैक्स और निवेश रोकने जैसे कदम उठाने की ताकत देता है, हालांकि इसका अब तक कभी इस्तेमाल नहीं हुआ है।

डेनमार्क के सांसद पेर क्लाउसेन ने 30 यूरोपीय सांसदों के हस्ताक्षर के साथ एक पत्र भेजकर मांग की है कि ग्रीनलैंड पर दावे और धमकियां जारी रहने तक इस व्यापार समझौते को फ्रीज कर दिया जाए। इस बीच EU के 27 देशों के राजदूत इस मुद्दे पर आपात बैठक करने वाले हैं। पूरा मामला EU-US रिश्तों में नए सिरे से व्यापार युद्ध की आशंका को जन्म दे रहा है।
ट्रंप की टैरिफ धमकी क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जनवरी 2026 को घोषणा की थी कि 1 फरवरी से नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और डेनमार्क सहित आठ यूरोपीय देशों के सामान पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका को ग्रीनलैंड को “पूरी तरह खरीदने” की डील नहीं मिली, तो जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। ग्रीनलैंड डेनमार्क का सेमी-ऑटोनॉमस इलाका है और ट्रंप लंबे समय से इसे अमेरिका में शामिल करने की बात करते रहे हैं।



































