TEHRAN NEWS. ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी के खिलाफ शुरू हुआ जनआक्रोश अब सीधे इस्लामिक शासन को चुनौती देता नजर आ रहा है। बीते दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन गुरुवार रात उस वक्त और उग्र हो गए, जब निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने देशवासियों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ सड़कों पर उतरने की खुली अपील की। पहलवी की अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग रात करीब 8 बजे सड़कों पर निकल आए। इस दौरान देश में इंटरनेट-टेलीफोन की सेवाएं बंद कर दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के कम से कम 50 शहरों में एक साथ प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद जैसे नारे लगाते नजर आए। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने प्रमुख इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी और कई जगह सड़कों को खाली कराया गया। इन प्रदर्शनों की सबसे अहम बात यह रही कि कई जगह रेजा पहलवी और शाह के समर्थन में नारे लगाए गए। यह वही ईरान है, जहां अब तक शाह समर्थक नारे लगाने पर मौत की सजा तक का प्रावधान रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह आखिरी लड़ाई है और पहलवी वापस आएंगे जैसे नारे लगाए।

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,260 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। कई शहरों में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। ट्रंप के बयान को ईरानी शासन पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति से ठीक पहले ईरान के तत्कालीन शाह मोहम्मद रेजा पहलवी अमेरिका भाग गए थे। उनके बेटे और क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी तब से निर्वासन में अमेरिका में रह रहे हैं। मौजूदा प्रदर्शन इस्लामिक रिपब्लिक के लिए अब तक की सबसे गंभीर जन-चुनौती माने जा रहे हैं। रेजा पहलवी ने अपने बयान में कहा कि ईरान पर पूरी दुनिया की नजर है। सड़कों पर उतरिए और एकजुट होकर अपनी मांगें उठाइए। मैं इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेताओं और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देता हूं कि दुनिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आप पर नजर रखे हुए हैं। लोगों पर जुल्म का जवाब जरूर दिया जाएगा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरानी शासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और कई जगह टेलीफोन लाइनें भी काट दी गई हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेटब्लॉक्स के अनुसार, लाइव डेटा से पता चलता है कि कई सर्विस प्रोवाइडर्स की कनेक्टिविटी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे देश के बड़े हिस्से ऑफलाइन हो गए हैं।




































