BEMETARA NEWS. छत्तीसगढ़ी लोक संगीत को नई पहचान दिलाने वाले औरcसे जन-जन में लोकप्रिय हुए वरिष्ठ लोक कलाकार घासीराम सिन्हा का 31 दिसंबर को निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे। उनके निधन से छत्तीसगढ़ के लोक कला, संगीत और रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

घासीराम सिन्हा ने हाल ही में रिलीज हुई छत्तीसगढ़ी धार्मिक फिल्म ‘जै सीतला मइया’ में भी अभिनय किया था। वे ग्राम धौराभाठा, तहसील साजा, जिला बेमेतरा के निवासी थे। उनका कला-सफर बचपन से ही शुरू हो गया था। उन्होंने कृष्णलीला में राधा की भूमिका निभाकर मंच जीवन में प्रवेश किया और बाद में नाचा पार्टी का संचालन, जोकर अभिनय और गायन के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

अपने जीवन के अंतिम 25 वर्षों तक वे रामायण भजन, बाबा घासीदास जयंती और पंथी गायन के माध्यम से समाज और संस्कृति की सेवा करते रहे। वे प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं अभिनेता डॉ. लिलेश्वर सिन्हा के पिता थे।

हालांकि घासीराम सिन्हा अब इस संसार में नहीं रहे, लेकिन ‘मही पी लो’ के गायक के रूप में वे छत्तीसगढ़ के जनमानस में सदैव जीवित रहेंगे। उनका दसगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम 09 जनवरी 2025 को उनके गृह ग्राम धौराभाठा में आयोजित किया जाएगा।





































