RAIPUR NEWS. बिगड़ी कानून व्यवस्था और कानूनी कार्रवाई के नाम पर सर्व समाज के लोगों को प्रताड़ित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर कानूनी कार्रवाई और धर्मांतरण के नाम पर कुछ विशेष वर्ग के लोगों को पुलिस ने प्रताड़ित करना बंद नहीं किया तो युवा कांग्रेसी गृह मंत्री के बंगले का घेराव करेंगे।

इसको लेकर आज यानी 26 दिसंबर को कांग्रेस भवन में कांग्रेस के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि पिछले दिनों कांकेर की हिंसा को लेकर सर्व समाज ने छत्तीसगढ़ बंद कराया था। लेकिन बंद के दौरान वहां किसी समाज का मुखिया नहीं दिखा। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इसे समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चैंबर वहां एक पिट्ठू के रूप में काम कर रही है। जो मॉल में जो तोड़फोड़ किया गया उसकी सब निंदा कर रहे।

पूर्व मेयर ने कहा कि हर जगह बीजेपी की सरकार है फिर यह क्यों धर्मांतरण के लिए कानून नहीं बना रहे हैं। ऐसा बंद पहली बार देख रहे जिसमें कोई ज्ञापन नहीं दिया। हम तो लगातार श्वेत पत्र जारी करने कह रहे थे। धर्मांतरण कितना हुआ उसके आंकड़े जारी किए जाए। उन्होंने कहा कि सरकार जब दूसरे मोर्चे पर फैल हो गई तब ये मुद्दा उठा कर जनता का ध्यान बंटाती है।

वहीं, पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि ये जानबूझकर धर्मांतरण को लेकर कानून नहीं बना रहे हैं ताकि धर्मांतरण का मुद्दा जारी रहे। यह जांच के नाम पर धर्मांतरण के नाम पर लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं थाने में मारपीट कर रहे हैं। कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का अपने अनुषांगिक संगठन में कोई कंट्रोल नहीं। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, आरएसएस के लोग धर्मांतरण के नाम पर प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं।

इस पर भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कहा कि पुलिस कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई रही है। इसमें कांग्रेस को क्यों तकलीफ हो रही है अगर किसी को लगता है कि पुलिस ने गलत कार्रवाई की है तो उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत करें।




































