INDORE NEWS. इंदौर क्राइम ब्रांच को डिजिटल अरेस्ट ठगी के केस में बड़ा सुराग मिला है। हाल ही में पकड़े गए पारस और सौरभ ने पूछताछ में लाओस से चलने वाले चीनी गैंग का राज खोला।

उन्होंने चीनी सरगना लीजो का नाम लिया, जो ठगों को सजा भी देता था। बताते चलें कि साइबर ठगी के इस मामले में अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

गैंग की पूरी संरचना समझिए
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पारस-सौरभ फाइंडर थे। ये सोशल मीडिया पर सिंगल या तलाकशुदा महिलाओं-पुरुषों को टारगेट ढूंढते।
फिर चैटर्स भरोसा जीतते, उसके बाद टीम लीडर और बॉस पैसे ऐंठते। लाओस के डार्क रूम से ऑपरेशन चलता था। आरोपी मोबाइल से लीजो की फोटो भी बरामद हुई।

16-18 घंटे की मार-पीट वाली नौकरी
पूछताछ में सामने आया कि ठगों से 16-18 घंटे काम लिया जाता। गलती पर बॉस हाथ बांधकर सजा देता। कई दिनों तक खड़ा रखना या अन्य प्रताड़ना आम थी। लीजो जैसे चीनी बॉस टारगेट पूरा न होने पर सख्ती करते। क्राइम ब्रांच भरत पोर्टल से विदेशी जांच कराएगी।

जांच तेज, लाओस कनेक्शन मजबूत
यह ठगी नवंबर 2024 में एक महिला उद्यमी से हुई। गैंग ने सीबीआई-ईडी बनकर डराया। पैसे क्रिप्टोकरेंसी से विदेश भेजे जाते। पुलिस अब लाओस नेटवर्क तोड़ने पर जुटी है। आरोपी गुजरात-पंजाब से पकड़े गए।



































