ISLAMABAD NEWS. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सैन्य टकराव का सबसे ज्यादा असर अब सीमा से लगे गांवों के आम लोगों पर पड़ रहा है। लगातार हो रही गोलाबारी और हवाई हमलों के कारण हजारों परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब तक दसियों हजार लोग विस्थापित हो चुके हैं।

सीमा से लगे कई इलाकों में लोग अपने घरों को छोड़कर अस्थायी शिविरों और रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार कई गांव लगभग खाली हो चुके हैं। लगातार गोले गिरने और ड्रोन हमलों के डर से लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं।

स्कूल, बाजार और सड़कें बंद
संघर्ष का असर आम जिंदगी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सीमा क्षेत्रों में कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं, बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और सुरक्षा कारणों से कई सड़कों पर आवाजाही रोक दी गई है। व्यापार भी लगभग ठप हो गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ रहा है।

महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
राहत एजेंसियों का कहना है कि विस्थापित लोगों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। कई परिवारों के पास खाने-पीने और दवाइयों की भी कमी हो रही है। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों ने जल्द से जल्द शांति की अपील की है।

तनाव कम होने के आसार नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत शुरू नहीं होती, तब तक हालात सामान्य होना मुश्किल है। फिलहाल सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलों का आरोप लगा रहे हैं।





































