RAIPUR NEWS. रायपुर जिले के धरसींवा क्षेत्र के ग्राम बरतोरी और सिलयारी में रसोई गैस वितरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडरों में तय मानक 14.200 किलो के बजाय 2 से 3 किलो तक कम गैस दी जा रही है। इसके साथ ही सिलेंडर वितरण में भी भारी अनियमितता बरती जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक 28 मार्च 2026 को देवेन्द्र भारत गैस वितरण, सिलयारी की रिफिलिंग गाड़ी (RJ43GA7630) बरतोरी गांव पहुंची थी।

इस दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस लेने पहुंचे, लेकिन कई लोगों ने शिकायत की कि उन्हें 56 दिन से लेकर 5 महीने तक सिलेंडर नहीं मिला। जबकि सरकारी नियमों के अनुसार 45 दिन बाद उपभोक्ता रिफिल लेने के पात्र होते हैं। जब ग्रामीणों ने सिलेंडर के कम वजन को लेकर विरोध किया, तो आरोप है कि वाहन चालक मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गया। ग्रामीणों ने पीछा कर वाहन को तर्रा गांव में रोका और एजेंसी संचालक से फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा एजेंसी संचालक पर दबाव और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले के बाद ग्रामीणों को सिलयारी पुलिस चौकी बुलाया गया, लेकिन एजेंसी संचालक के अनुपस्थित रहने से लोगों में और नाराजगी बढ़ गई।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने उठाई कार्रवाई की मांग
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, जिला रायपुर (ग्रामीण) ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि उपभोक्ताओं को सही वजन और समय पर गैस उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

शोषण करने वालों पर लगे लगाम
संगठनों ने चेतावनी दी है कि आपदा या जरूरत के समय आम लोगों का शोषण करने वालों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं।




































