PATNA NEWS. बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐलान किया है कि वह राज्यसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। उनके इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और जदयू कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अपने संदेश में नीतीश कुमार ने लिखा कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें।

इसी क्रम में वह इस बार राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा। विवाद के बीच ललन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी फैसला करेंगे, पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को उसे स्वीकार करना होगा। इधर विधानसभा के बाहर भी जदयू कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी है, जिससे बिहार की सियासत में इस फैसले को लेकर असाधारण राजनीतिक उथल-पुथल दिखाई दे रही है।

इस राजनीतिक हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इसके बाद नीतीश कुमार उनके साथ नामांकन प्रक्रिया के लिए सीएम हाउस से निकल गए। बताया जा रहा है कि वे आज यानी 5 मार्च को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नीतीश कुमार के इस फैसले पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में महाराष्ट्र जैसा राजनीतिक मॉडल लागू किया गया है। तेजस्वी के मुताबिक भाजपा ने नीतीश कुमार पर इतना दबाव बनाया कि उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अक्सर अपनी सहयोगी पार्टियों को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है।

पढ़ें नीतीश कुमार का पूरा पोस्ट
पिछले 2 दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास और समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है। उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।
संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा। आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संघर्ष पूर्ववत जारी रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।

कार्यकर्ताओं का विरोध, सीएम हाउस के बाहर हंगामा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के बाद जदयू कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री आवास पहुंचने लगे। कई कार्यकर्ता भावुक होकर रोते दिखाई दिए और नारे लगाने लगे कि “नीतीश कुमार बिहार के हैं, उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, जदयू एमएलसी संजय गांधी और जदयू विधायक प्रेम मुखिया की गाड़ियों को रोक दिया और उन्हें वापस लौटना पड़ा।

कई जिलों में विरोध
बेगूसराय, नालंदा समेत कई जिलों में भी नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले का विरोध सामने आया है। मंत्री मदन सहनी सुबह सीएम हाउस पहुंचे, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं मिला। जदयू कार्यालय में भी हंगामा हुआ और कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ती देख जदयू कार्यालय का मुख्य गेट बंद करना पड़ा। मुख्यमंत्री आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी और संजय झा के खिलाफ भी नारे लगाए।

































